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केंद्र सरकार और ग्राम सरकार

 "देश में हिंदू धर्म पद्धति से अनुष्ठानों के लिए बनाये जायेंगे कथावाचक और पुजारी"

(सरकारी प्रस्ताव)

"मैंने एक समाचार पत्र मैं पढ़ा है कि सरकार के द्वारा हिन्दुओं के विभिन्न कार्यक्रमों अनुष्ठानों जैसे दुर्गा पूजा, गणेश पूजा, मकान उद्घाटन, आदि कार्य संपन्न कराने के लिए, व्यस्तता के कारण अनुष्ठान कराने वाला उपलब्ध नहीं हो पाता इसलिए सरकार ऐसे अनुष्ठानों के लिए पुजारी तैयार करायेगी। जो किसी भी जाति समुदाय के हो सकते हैं।

     जब एक सरकार इस तरह के निर्णय ले सकती है तब "ग्राम सरकार" की ओर से भी यह निर्णय लिया जाना चाहिए की ग्राम सरकार की व्यवस्था में गांव की जनता का धार्मिक अनुष्ठान कराने वाला बैगा, भूमका पडिहार, गायता, पुजारी,लोहरा, अहीर, गारपगारी,आदि वर्तमान समय में भी ग्राम व्यवस्था के सभी धार्मिक क्रियाकलाप शादी विवाह, जन्म विवाह एवं मृत्यु संस्कार और अनुष्ठान संपन्न कराते हैं, जिन्हें और भी शसक्त बनाने के लिए ऐसे अनुष्ठानकर्ताओं के प्रोत्साहन के लिए ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम सरकार मानदेय निर्धारित कर दे ।  केंद्र सरकार, राज्य सरकार की तरह ग्राम सरकार भी अपनी शक्तियों का प्रयोग कर गांव को खुशहाल बनाने का संकल्प ले सकती है,गांव खुशहाल तो राज्य खुशहाल, राज्य खुशहाल तो देश खुशहाल।

-गुलजार सिंह मरकाम (gska)

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