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सत्ताधारी दलों से तालमेल नहीं ? गोंगपा मध्यप्रदेश में छोटे दलो के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बना रही है । भोपालः मध्यप्रदेश में आसन्न 2013 के चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक र्पािर्टयां गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का वोट बैंक बन चुके आदिवासी को गुमराह करने में लगी हुई हैं । कांग्रेस और भाजपा जैसे सत्ताधारी दल राजनीतिक दलालों के माध्यम से गोंगपा का कांग्रेस से तालमेल के संबंध में चर्चा की बात करके आदिवासियों का गोंगपा से मोहभंग कराने का शडयंत्र रच रहीं है। ताकि आदिवासी वोटर दिग्भ्रमित हो! गोंगपा इन दलो से समज्ञौता नहींकरेगी । जहां तक पार्टी तालमेल नीति का प्रश्न है तो गोंगपा ने छत्तीसगढ में सत्ताधारी दलो को छोडकर स्थानीय छेत्रीय दलों का मोर्चा से तालमेल कर चुनाव लडने का कार्यक्म घोशित कर चुकी है । इसी तरह मध्यप्रदेश में भी सत्ताधारी दलो को छोडकर स्थानीय छेत्रीय दलों से जो कि प्रदेश में गोंगपा द्वारा घोशित आदिवासी मुख्यमंत्री का समर्थन करता है के साथ तालमेल बनाकर चुनाव लडेगी । जिन सत्ताधारी दलो ने आदिवासी राजनीति को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है एैसे दलों से आदिवासीयों का मोहभंग हो चुका है ये अब पीछे नहीं मुडना चाहते । गोंगपा इन्हें संगठित कर रही है ताकि आदिवासी बहुल मध्यप्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री का सपना पूरा हो सके । गुलजार सिंह मरकाम राश्टीय उपाध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी मो0 09329004468

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