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अन्य राजनीति दलों से अलग क्यूं है । "क्रांति जनशक्ति पार्टी"

 अन्य राजनीति दलों से अलग क्यूं है । 

"क्रांति जनशक्ति पार्टी"


भारत देश में सैकड़ों की संख्या में राजनीतिक दल हैं । अंगुली में गिनने लायक "पंजीकृत राष्ट्रीय मानता प्राप्त" एवं राज्य स्तरीय पंजीकृत मान्यता प्राप्त दल हैं वहीं सैकड़ों की संख्या में पंजीकृत अमान्यता प्राप्त दल भी हैं । हर पंजीकृत अमान्यता प्राप्त दल, राज्यों में मान्यता प्राप्त दल के रूप में स्थापित होना चाहती है पर हर चुनाव में कहीं ना कहीं वह अपने चुनाव मेनेजमेंट की कमज़ोरी का शिकार हो जाती है,या मान्यता प्राप्त कथित बड़े दलों की रणनीति का शिकार होकर मान्यता करने में असफल हो जाते हैं। मान्यता प्राप्त कथित बड़े दलों की नकल करते हुए वैसी ही पार्टी संचालित करते हैं और असफल हो जाते हैं। उदाहरण के लिए यह है कि सभी कथित बड़े दल अपनी पार्टी के संविधान में समाज को सदैव वर्गवादी,जातिवादी मानसिकता बनी रहे,इस ध्येय से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक/सवर्ण आदि के अलावा समुदायों के नाम पर भी प्रकोष्ठ या मोर्चा बनाते हैं । कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों को भी इसमें जातीय और वर्गीय आकर्षण दिखाई देता है इसलिए जुड़े रहते हैं,परन्तु उन्हें इस बात की समझ नहीं होती कि पार्टी ने हमें जातीय या वर्गीय मानसिकता ‌से ऊपर उठकर समाज की मानसिकता पैदा ना हो इस पर अदृश्य रोक लगाई है। यदि यह रूकावट समझ में आ जायेगी तो कार्यकर्ता पदाधिकारी इस संकीर्ण मानसिकता से निकलकर जाति समुदाय और वर्ग  की बनी इकाइयों से मुक्त होकर युवा,किसान, श्रमिक, व्यवसायिक,विधि, व्यापारी, महिला,छात्र आईटी सहित अन्य  स्थापित प्रकोष्ठ या या मोर्चा की तरफ आने का प्रयास करेगा , जहां वर्ग और जाति शून्य मानसिकता होगी। क्रांति जनशक्ति पार्टी का संविधान जाति,समुदाय या वर्गशून्य व्यवस्था देती है। इसलिए क्रांति जनशक्ति पार्टी अन्य राजनीतिक दलों से प्रथक है।

-गुलजार सिंह मरकाम राष्ट्रीय अध्यक्ष "क्रांति जनशक्ति पार्टी" भारत

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