"जनता का जमा धन सरकारें जनता में लगाया जाये"
अब तो देश के आम नागरिक को यह पता चल जाना चाहिए कि प्रत्येक नागरिक के लिए जनता द्वारा चुनी हुई सरकार का आम नागरिक के लिए कितना उत्तरदायी होना चाहिए। उसके स्वास्थ, भरण पोषण और अन्य जरूरतों के लिए शासकीय संसाधनों मिशनरी का भरपूर उपयोग क्यों किया जाता है या किये जाने का नाटक किया जाता है। यह इसलिए की राजकोष में जो धन है वह आम जनता का ही धन जमा है जिसे आम जनता के दुख तकलीफ के लिए लगाना अनिवार्य है यही सब कुछ इस वक्त सहायता के नाम पर हो रहा है जो केंद्र और राज्य सरकारों की इच्छाशक्ति पर निर्भर है , यदि भरपूर सहायता प्राप्त नहीं होती है तो सरकारें दोषी होंगी। इस विषय पर बुद्धिजीवी की नजर रहती है । दुनिया को भी यह दिखाना जरूरी। होता है कि हमारी सरकार जनता के पैसे का जनता के हित में कैसे खर्च कर रही है, अन्यथा शासक सरकारों को नीचा देखना ना पड़े । इसलिए आम नागरिकों से अपील है कि वे अपनी सहायता प्राप्त करने के लिए अधिकार के साथ दबाव बनाये साथ ही स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी करे । इसके लिए भले ही आंदोलन करना पड़े हम आंदोलन के साथ पूरी तरह तैयार हैं ।
(गुलजार सिंह मरकाम राष्ट्रीय संयोजक गोंडवाना समग्र क्रांति आंदोलन)
0."देशज त्यौहारों की वर्तमान स्थिति" यह तो तय है कि होलिका को दुश्मनों ने चोरी से रात में मारकर जलाया होगा जिसकी यादो को ताजा बनाये रखने के लिए उन्हें किसी ना किसी देशज खुशी के त्यौहार के बीच रन्ग में भन्ग करना था। वे धीरे धीरे सफल हुए। सत्ता के हमारी मान्यताओं पर पडे प्रतिकूल प्रभाव से हम अपने त्यौहार को भूलते गये। इन्होंने हमारे हर त्यौहार के साथ अपना कोई ना कोई त्यौहार जोडकर हमारी सन्सक्रति को विस्मृत करने का प्रयास किया है, इसे समझना होगा। हमारे लोगों के द्वारा इन विषयों पर किया जा रहा शोध प्रयास सराहनीय है। हमें बहुजन आन्दोलन के अग्रणी मा० काशीराम के १५/८५ के फार्मूला से आर्य संस्कृति /अनार्य सन्सक्रति की मान्यताओं, परम्पराओं तीज त्यौहारों को छान्ट कर अलग करना होगा अन्यथा जाने अनजाने में हम अपनी खुशी के दिन को मातम के तथा अपने मातम के समय में खुशी मनाते दिखेन्गे । (गुलजार सिंह मरकाम) 1. "सान्सक्रतिक सन्घर्श में शोसल मीडिया का योगदान" बड़ी खुशी की बात है कि होली के सम्बन्ध में सोशल मीडिया में देश का पढा लिखा मूलनिवासी वर्ग देशज विचारधारा का प्रतिनिधित्व कर...
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