आदिवासी समुदाय को कोंग्रेस पर कड़ी नजर रखना पड़ेगा,कुछ समझ में नहीं आ रहा है ,केवल लालीपाप दिखाने का काम हो रहा है। 275(1) टीएसपी की राशि को भी ट्राइबल के लिए आबंटित नहीं कर रही,छात्रों की छात्रवृत्ति भी दी नहीं गई अप्लीकेशन पोर्टल समय से पूर्व बंद कर दिया गया । रिजर्व क्लास डॉक्टर नहीं मिल रहे इन्हे सामान्य वर्ग से भरे जा रहे हैं ये पद। Caa NRC पर पार्टी के माध्यम से पत्र दिया गया है जबकि अन्य राज्य अपनी विधानसभा से प्रस्ताव पारित किए हुए हैं। वनाधिकर के आवेदन हेतु बना एप भी फेल हो चुका है सब काम ठंडा है। ऐसे में आदिवासी धीरे धीरे परेशानी महसूस करने लगा है। कांग्रेस पर प्रश्चिन्ह लगाने लगा है। सुप्रीकोर्ट ने सर्विस में रिजर्वेशन इन प्रमोशन राज्यो के हवाले कर दिया इस पर तुरंत विधानसभा का सत्र बुलाकर समस्या का निराकरण नहीं किया जाना भी कांग्रेस को बैकफुट में लेे जाने के लिए काफी है। इसलिए कांग्रेस सरकार समय रहते इन विषयों को गंभीरता से नहीं लेगी तो प्रदेश के आदिवासी इन विषयों को लेकर आंदोलन की तैयारी में है। यदि कांग्रेस आदिवासी समुदाय के हित में कुछ करना चाहती है तो स्वेत पत्र जारी कर काम में लग जाए अन्यथा सत्ता से बाहर जाने की तैयारी कर ले।
(गुलजार सिंह मरकाम राष्ट्रीय संयोजक गोंडवाना समग्र क्रांति आंदोलन)
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