"कोई भी आंदोलन प्रजातांत्रिक मूल्यों के साथ चले"
"व्यक्तिवादी" और "वन मैन शो" वाले संगठन ज्यादा दिन तक नहीं चलते व्यक्तिवादी संगठन अपने इर्द-गिर्द चमचों की भीड़ इकट्ठा करके रखते हैं जो नेतृत्व का हमेशा गुणगान करते रहते हैं भले ही वह नेतृत्व अंदर ही अंदर क्या गुल खिला रहा है इसे अंधभक्त, समर्थक नहीं समझ पाते और इसलिए व्यक्तिवादी संगठन कुछ दूर चल कर फेल हो जाते हैं इस देश को प्रजातांत्रिक शक्ति के बंटवारे के आधार पर चलने वाले संगठनों की आवश्यकता है अन्यथा मनुवाद,ब्राह्मणवाद से निपटना इतना आसान नहीं है !
(गुलजार सिंह मरकाम राष्ट्रीय संयोजक गोंडवाना समग्र क्रांति आंदोलन) में सरकार को
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