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"गोंडी भाषा मानकीकरण" "किस्सा पाटा लोकोक्ति और छोटे बडे वाक्यों का कलेक्शन और डिजिटल स्वर रिकार्ड कर गोंडी भाषा के विकास में अपना योगदान ।"

"किस्सा पाटा लोकोक्ति और छोटे बडे वाक्यों का कलेक्शन और डिजिटल स्वर रिकार्ड कर गोंडी भाषा के विकास में अपना योगदान ।"

जैसा कि मैंने लिखा है कि अभी तो मात्र 2800 शब्द हुए हैं गोंडी बोली को भाषा बनने के लिये कम से कम 28000 शब्दों का कलेक्शन करना है यह काम टीम के माध्यम से जारी है और आप सभी से भी विनती है कि अपने आसपास बुजुर्गों के पास बहुत से शब्द हैं जो अभी तक किसी क्षेत्रीय डिक्शनरी में भी नहीं आये हैं उन्हें कलेक्ट कर किसी माध्यम से टीम के पास पहुंचाना है साथ ही गोंडी मुहावरे, कहानियां ,गीत पाटा, व्यंग , डिजिटल स्वर रिकार्ड आदि का भी कलेक्शन करना होगा इतना कलेक्शन माईक्रोसाफट के पास जमा होगा तब गूगल या अन्य एजेन्सी से एप के माध्यम से सबको सीखने समझने और व्यवहार के लिये सरल सुलभ उपलब्ध होगा ! अप्रेल माह में अमरीका से माईकोसाफट की टीम बेंगलोर आ रही है उसके लिये जल्द से जल्द उपरोक्त बिन्दुओ पर काम करना होगा तब कही इसे समृद्ध किया जा सकता है यह सबकी जिम्मेदारी है टीम को जितना आ रहा है प्रयास कर रहा है । सोसल मीडिया के माध्यम से यह कलेक्शन जल्द हो पायेगा-gsmarkam

"गोंडी भाषा मानकीकरण"
गोंडी भाषा मरनकीकरण 19मार्च 2018 से 23 मार्च 2018 के बीच चले अभ्याास में शब्द संग्रहण के साथ छः प्रदेशों के बीच एक शब्द को मानक बनाने का कार्य संपन्न हुआ । अब इस मानक शब्द के आाधार पर मूल डिक्शनरी बनाई जायेगी तथा इस डिक्शनरी को सरल सुलभ उपयोग के लिये अमरीका के यूनिकोड वर्जन के लिये माईक्रोसाफट शाखा से बात हो

गई है । इसके माध्यम से हम गोंडी भाषा को किसी भी फांट या वर्जन में वाईस रिर्काड या लेखन के माध्यम से अनुवाद कर गोंडी नहीं जानने वालों को भी गोंडी भाषा सीखने बोलने और समझने में आसान कर सकते हैं । अर्थात गोंडी भाषा को डिजिटल कर रहे हैं ताकि इसका एप डाउनलोड कर अपनी मनचाही भाषा से गोंडी को लिख पढ और समझ सकते हैं । हो सकता है इतनी बात आपकी समझ में ना आई हो तो आप 8989717254 से बात कर शंका का समाधान कर सकते हैं । -gsmarkam

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