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राजनीतिक प्रतिबद्धता व्यक्ति और संगठनों की भूमिका

वर्ष 2018 के लिये धीरे धीरे विभिन्न प्रदेशों में विधान सभा चुनाव की सरगर्मियां बढ रहीं है एैसे समय में कुछ दल लगातार अपने क्रियाकलापों में तेजी ला रहे हैं । कुछ कार्यकर्ता राजनीतिक दलों के प्रति स्पष्ट प्रतिबद्ध होकर अपने काम को आगे बढा रहे हैं । एैसे मौके पर कुछ छदमवेशी लोग जो किसी दल विशोष में अंदर से प्रतिबद्ध होते हैं लेकिन बाहर अपने आप को किसी दल से प्रतिबद्ध नहीं होने या दिखने का प्रयास करते हैं । एैसे लोगों से अब सावधानी का समय है । दलों के पदाधिकारी इस बात का ध्यान रखें अन्यथा ऐन मौके पर एैसे लोग दगाबाजी कर अपने आप में बेशर्म हो जाते हैं । कोई भी दल अपने रंग रूप क्रियाकलाप विचारधारा और नेतृत्व के साथ आगे बढता है दल विशेष के प्रति प्रतिबद्ध व्यक्ति स्वयं अपनी प्रतिबद्धता के साथ स्पष्ट दिखाई देने लगता है ।
दलों की विभिन्न अनुसंगी संगठने होती हैं जिसमें युवा और छात्र संगठनों की भूमिका विशेष् होती है जो चुनाव में खुलकर भाग लेते हैं । दलों के पदाधिकारी या समथकों को एैसे छात्र संगठनों की परख होनी चाहिये कि कौन सा छात्र संगठन किस दल की छात्र शाखा के रूप में कार्यरत है । उसने कौन सा झंडा थामा है उस छात्र संगठन का प्रमुख नेतृत्वकर्ता कौन है ? आदि आदि प्राय सभी प्रदेशों में राजनीतिक दलों से प्रतिबद्ध छात्र संगठन हैं । जो समय समय पर अपनी अपनी शाखा से संबद्ध दलों से टिकिट और मुख्य संगठन में प्रमुख पद हासिल करने का प्रयास करते हैं ।    
 
    

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