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"तुम किताबों में लिखो अपनी बयां"

"गम तो है कि मेरी लाशें गिन गिनकर जश्न मनाते हैं लोग ।
अब मैं भी उनके मुर्दों का हिसाब रखने लगा हूं ।" 
"तुम किताबों में लिखो अपनी बयां
ये किताबी ही कहलायेंगे ।
हम तो इतिहास की नींव के पत्थर हैं दोस्त
जहां खोदो वहीं मिल जायेंगे ।
नीव के हर पत्थर पर लिखा होगा गोंडवाना
इनके सामने तुम्हारी रोशनाई कहां टिक पायेंगी ।"-gsmarkam
(रोशनाई यानि कागज पर लिखी इबारत)

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