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"भय और अफवाह से सावधान"


मूर्ति को दूध पिलाना और अज्ञात नम्बर के भय से डर जाना लगभग एक ही बात है । कहीं एैसा तो नहीं कि आपके बौद्धिक स्तर का मूल्यांकन किया जा रहा हो कि, भले ही आप कम्प्यूटर पर उंगली चलाने लगे हो पर, आपकी समझ अभी भी अफवाह ,भाग्य, भगवान ,में कितना भरोशा करता है । यदि आपके सोचने समझने के स्तर का मूल्यांकन हो चुका होगा, तो उस स्तर का कोई पाखण्ड, अफवाह इजाद किया जायेगा ताकि समय समय पर बतौर प्रयोग आपका इलाज हो सके । चूंकि आसार गृह युद्ध के लगने लगे हैं । और गृह युद्धों में अफवाहों की अहम भूमिका होती है । -gsmarkam

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