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"देश का आदिवासी अब सुप्रीमकोर्ट को अपनी औकात बता दे"(कानून की बात)


    1. "देश का आदिवासी अब सुप्रीमकोर्ट को अपनी औकात बता दे"(कानून की बात)
      सर्वोच्च न्यायालय देश के आदिवासियों से बडा नहीं । जब संसद विधान सभा के कानून आदिवासियों की बिना सहमति के लागू नहीं हो सकते तो कानून का पालन करने वाली संस्था सुप्रीमकोर्ट आदिवासियों पर जबरदस्ती कानून को कैसे लागू कर सकती है । आदिवासी इस कानून की अवहेलना करे तो कोई अपराध नहीं अवहेलना नहीं है । आदिवासी इस आदेश को मानने से सीधा इंकार कर दे ।-gsmarkam

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