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"आदिवासी समुदाय में जनचेतना विकसित करने के लिये कवि सम्मेलन आयोजित हो ।"

"आदिवासी समुदाय में जनचेतना विकसित करने के लिये कवि सम्मेलन आयोजित हो ।"
आदिवासी समुदाय में जनचेतना विकसित करने के लिये कवि सम्मेलन जैसे आयोजनो को विकसित करना होगा । मुस्लिम समुदाय में कव्वाली संगीत के साथ साथ मुशायरा कवि सम्मेलन जो कि तत्काल और तत्कालीन विषयों को लेकर चलाये जाते हैं जो समाज की चेतना का कारण बनते हैं यह चेतना उन्हें संगठित करती है । हिन्दू जागरण के नाम पर एवं कवि सम्मेलनों में तत्काल और तत्कालीन विषयों के आयोजन हिन्दुत्व की विचारधारा को बढावा देने में लगे रहते हैं । इसलिये इस विधा से संबंध रखने वाले आदिवासी समुदाय के कवियों की फौज तैयार की जाये ताकि समय समय पर आयोजनो के माध्यम से समाज को विशुद्ध उर्जा प्राप्त होती रहे । किसी ना किसी को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी ।-gsmarkam

"मप्र में शीघ्र ही राष्ट्रीय स्तर का कवि सम्मेलन आयोजित किया जायेगा।"
(समुदाय के प्रथम पंक्ति के कवि जिनकी सेवायें कवि सम्मेलन के माध्यम से जनचेतना के लिये लिया जाना है।)
1. तिरूमाय उषा किरण आत्राम महाराष्ट्र
2. तिरूमाल डा0 सूर्यबाली एम्स मध्यप्रदेश
3. तिरूमाय रमा टेकाम बालाघाट मध्यप्रदेश
4. तिरूमाल शेरा उईके सिवनी मप्र
5. तिरूमाल रावेन कुंभकरण धुर्वे कचारगढ महाराष्ट्र
6. तिरूमाल कृष्णा नेताम छत्तीसगढ
7. तिरूमाल कोमल सिंह मरई छत्तीसगढ
8. तिरूमाल सरवन मरकाम डिंडौरी मध्यप्रदेश
9. तिरूमाल कृष्णा बुरूदा उडीसा
10.तिरूमाल रहेस परते सिवनी मध्यप्रदेश
11. तिरूमाल केशव उईका मध्यप्रदेश (9039965991)
12.तिरूमाल आर एन डाकुर भोपाल मध्यप्रदेश

O.रामेश्वर धुर्वे
oo.तिरु. सुखचैन सिंह कुड़ापे जी ग्राम खैरलांजी बालाघाट 
मैं इतने कविगणों से परिचित हूं आपकी जानकारी में यदि इस विधा के देश में और महारथी हों तो जरूर अवगत करायें । तथा इनसे समुदाय को सेवा का अवसर देने के लिये निवेदन करें ।-gsmarkam

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