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"संस्कार"

"संस्कार"
गोंडवाना भूमि का आदिवासी, गोंडियन संस्कृति के संस्कारों से पैदा हुआ कोई भी व्यक्ति , समाज सेवक या जनप्रतिनिधि किसी भी परिस्थिति में अपने मूल संस्कारों से हटकर क्रियाकलाप नहीं कर सकता । यदि कुछ पद या ओहदा पाकर मूल संस्कार को किनारे कर अलग से क्रियाकलाप करता है ,तो समझ लें उसके संस्कारों को गृहण कराने में उसके मार्गदर्शक की कहीं भूल रही होगी । या एैसा व्यक्ति लोभ लालच या विषम परिथितियों का शिकार होकर परिथितियों से समझौता कर लिया होता है ।-gsmarkam

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