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"सॉझा चूल्हा"

part-1

"सॉझा चूल्हा"
दर्द गर एक है तो दर्द को साझा कर लें ।
साथ परेशानियों से लडने का वादा कर लें ।।
मैं भी संविधान के हर शब्द का दीवाना हूं ।
आओ मिलकर इसे बचाने का संकल्प कर लें ।
अपनी भाषा का धर्म संस्कृति का हिमायती हूं ।
आओ मिलकर इसे बचाने की हिमायत कर लें ।।
हमारी हिस्सेदारी को ये भीख कहते हैं ।
साथ मिलकर इसे बचाने की तैयारी कर लें ।।
अमन और चैन भी उडता नजर आता है हमें ।
आओ इस चमन की मिलकर रखवाली कर लें ।।
दर्द हमको दिया जिसने उसी से तकलीफ है तुमको ।
वक्त अच्छा है मौका भी है चलो इंतकाम ले लें ।
वो तो कहता है, मिटा दूंगा एसटी/एससी की हस्ती ।
जरा इक बार हम आपस में गलबहियां तो ले लें ।-
दर्द गर एक है तो दर्द को साझा कर लें ।
साथ परेशानियों से लडने का वादा कर लें ।।-gsmarkam


part-2

"तानाशाही राज "
बढे हैं हौसले दुश्मन के हमने ही बढाया है ।
उन्हीं को ताज देकर अपने ही सिर पर बिठाया है ।
जर जोरू जमीन की दुश्मनी तो पुरानी है दोस्तों ।
पर इंसान को इस तरहा किसी ने नहीं जलाया है । 
ये तो दहसत फैलाकर राज करने का संघी एजेंडा है ।
बना हथियार अपनों से ही हमला का तरीका है ।
सजग शासन प्रशासन हो तो एैसे हादसे ना हों ।
ये तो सोची समझी साजिस कराने का तरीका है ।।-gsmarkam

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